बीपी लो होने के लक्षण: symptoms of blood pressure low in hindi

बीपी लो होने के लक्षण: symptoms of blood pressure low in hindi

बीपी लो होने : इंसानी शरीर में कई तरह की परेशानियां होना आम बात है लेकिन ये तो सभी जानते है कि हमारे शरीर में खून का होना कितना जरूरी है। खून की कमी से हमारे शरीर में कई तरह की बिमारियां हो सकती है। बीपी लो होने : इसे आम भाषा में कहा जाए तो रक्तचाप का कम होना। लो बीपी को हाइपोटेंशन कहा जाता है। जिसे कई बार हम आम परेशानी ही समझ लेते है और ध्यान नहीं देते, जो कि आगे चलकर काफी जानलेवा और घातक साबित होता है।

बीपी लो होने का कारण: causes of low blood pressure

बीपी लो होने
बीपी लो होने
  • खून की कमी के होने से: जैसा कि नाम से ही जाहिर है कि ये खून से  संबधित समस्या है जो जरुरी नहीं की जन्म से हो। बल्कि बढ़ती उम्र के साथ हमारे बिगड़ते खान-पान के कारण होता है। हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को ध्यान में रखना बेहद ही जरुरी है। क्योंकि हीमोग्लोबिन ही हमारे शरीर में लाल रक्त को दर्शाता है जो एक तरह से आयरन से बना होता है। इसी लिए कहा जाता है कि आयरन युक्त चीज़ो का सेवन हमारे शरीर के लिए बहुत जरुरी है। हीमोग्लोबिन की कमी से एनीमिया रोग हो जाता है जो अनेकों बीमारियों को न्यौता देता है।
  • मधुमेह रोग होने से: मधुमेह यानी कि डायबिटीज के कारण भी हमारा ब्लड प्रेशर लो हो जाता है। इस कारण हमारे रक्त धमनियों में आयरन की कमी होने लगती है साथ ही शर्करा की मात्रा बढ़ने लगती है जो रक्त चाप को कभी बढ़ाती है तो कभी घटाती है। इस कारण कई बार मरीज को जानलेवा दौरे भी पड़ जाते है और मौत तक हो जाती है।
  • दिल की समस्या होने से: दिल से जुड़ी समस्या आजकल लोगों में आम हो चुकी है। खासकर दिल हमारे खून को छानकर शुध्द खून को पूरे शरीर में पहुंचाने का काम करता है लेकिन सोचिए कि अगर दिल तक ही खून ठीक से न पहुंच पाता हो तो, हमारे शरीर में कितनी तरह की समस्या हो सकती है। दिल तक खून के न पहुंच पाने का कारण है खराब कोलेस्ट्रोल, जो दिल की रक्त नलियों में जमा हो कर खून के प्रवाह को कम कर देता है जिस कारण लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्या होने लगती है।  
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  • शरीर में पानी की कमी से: हमारे शरीर में पानी की कमी का होना सही लक्षण नहीं होता है। अक्सर आपने डॉक्टर से सुना होगा की जितना ज्यादा हो सके पानी पियें, क्योंकि पानी की कमी से स्कर्वी रोग होने का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही इससे कई अन्य रोग भी आपको अपनी चपेट में ले लेते है। कोशिश करें की पूरे दिन में 4-5 लीटर पानी जरूर पियें। साथ ही ध्यान रखें की ये केवल एक नार्मल पानी की मात्रा है। हर व्यक्ति के पानी पीने की कैपेसिटी अलग-अलग होती है। इस कारण पानी को अपनी क्षमता अनुसार ही पियें।
  • बढ़ती हुई उम्र – बढ़ती उम्र के साथ साथ हमारे शरीर में काफी कमजोरी आने लगती है जो निम्न रक्तचाप का कारण बन सकता है। साथ ही बढ़ती हुई उम्र में शरीर के ऑर्गन्स कमजोर होने लगते है जिससे हमारी इम्यूनीटी कमजोर होने लगती है, जो ब्लड प्रेशर के लौ होने का बड़ा कारण बनती है। 55 से 60 साल की उम्र के बाद हमारे शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। इसी लिए जरूरी है कि रेगुलर जांच कराते रहें।  
  • हॉरमोनल परेशानी के कारण: आज के समय में हम इतने ज्यादा तनाव से ग्रसित रहने लगे है कि हमें पता ही नहीं चलता कि कब हमारे शरीर में हॉरमोनल बदलाव होने लगे। तनाव के कारण हमारा खानपान, हमारी दिनचर्या पूरी तरह से बिगड़ जाती है जो शरीर को जल्दी थकाने लगती है और यें सबसे बड़ा लक्षण है बीपी लो होने का।

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बीपी लो होने के लक्षण: symptoms of blood pressure low in hindi

  • अचानक थोड़ा सा काम कर के ही सांसों का तेज चलना।
  • झटके से अचानक खड़े होने पर चक्कर आना या सर धूमना।
  • अचानक दिल की धड़कन का धीरे चलना।
  • स्वाभाव में चिड़-चिड़ापन होना, जी मिचलाना और बेकार का अवसाद लॉ बीपी के प्रमुख लक्षण माने जाते है।

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